आंतरिक संघर्ष की पीड़ा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का दर्शन

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी ने जीवन प्रवाहित में अंतरात्मा कष्ट का अनुभव किया। उनका विचारधारा द्वारा स्पष्ट हुआ कि मानव जाति की सच्ची समस्या है अंतरात्मा में ह्रास । वे कहते हैं कि हमें अपने भीतर के प्रेमपूर्ण स्वरूप को खोजने का प्रयास करना चाहिए, न कि बाहरी दुनिया में खुशी की तलाश। स्वा

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